फ़सल पर कर्ज़ — ज़मीन गिरवी रखे बिना

खड़ी फ़सल ही आपकी साख है। सखा के ज़रिए RBI-पंजीकृत NBFC से उचित दर का कर्ज़ — पैसा सीधे आपके बैंक खाते में, शर्तें काग़ज़ पर, और मना करने का पूरा हक़।

कैसे काम करता है

  1. फ़सल दर्ज करें

    ऐप में बोलकर बताएँ — कौन सी फ़सल, कितने खेत में। पढ़ना-लिखना ज़रूरी नहीं।

  2. KFS के साथ प्रस्ताव

    साझेदार NBFC का प्रस्ताव आता है — हस्ताक्षरित मुख्य तथ्य विवरण के साथ, जिसमें दर और हर शुल्क साफ़ लिखा है।

  3. पैसा सीधे खाते में

    मंज़ूरी और सोचने के समय के बाद पैसा NBFC से सीधे आपके बैंक खाते में — बीच में कोई नहीं।

  4. फ़सल पर एक बार चुकाएँ

    कोई मासिक क़िस्त नहीं — फ़सल बिकने पर, 120 दिन के अंदर, एक बार।

पैसा किस रास्ते चलता है

कर्ज़ का पैसा सीधे साझेदार NBFC और आपके बैंक खाते के बीच जाता है — सखा के किसी खाते, पूल या नोडल खाते से होकर नहीं। यह RBI के डिजिटल लेंडिंग निर्देशों की शर्त है, और सखा की बनावट ही ऐसी है कि इसे तोड़ा नहीं जा सकता।

सखा किसान से कर्ज़ पर कोई शुल्क नहीं लेता। सखा की कमाई साझेदार NBFC से सेवा-शुल्क के रूप में आती है — आपकी दर KFS में जो लिखी है, वही अंतिम है।

दरें

नीचे की दरें अभी संकेतात्मक हैं — यह कर्ज़ का प्रस्ताव नहीं है। अंतिम दरें साझेदार NBFC के करार के बाद प्रकाशित होंगी।

पूरी नियामकीय जानकारी — साझेदार, शर्तें, शिकायत

साहूकार के खाते से यह कितना अलग है

बिना काग़ज़ के उधार में दर बदलती रहती है, वसूली फ़सल की मंडी-बिक्री से बंधी होती है, और हिसाब सिर्फ़ एक बही में रहता है। यहाँ दर KFS पर छपी है और बदल नहीं सकती; उपज कहीं भी बेचने की आज़ादी है; और हर लेन-देन की रसीद आपके पास रहती है।

कोई एजेंट आपके गाँव में वसूली के लिए नहीं आता — शिकायत और वसूली दोनों RBI के नियमों में बंधे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या सखा ख़ुद कर्ज़ देता है?
नहीं। सखा एक लेंडिंग सर्विस प्रोवाइडर (LSP) है — कर्ज़ RBI-पंजीकृत साझेदार NBFC देता है, और पैसा सीधे NBFC से आपके बैंक खाते में आता है। सखा के किसी खाते से होकर नहीं।
क्या ज़मीन गिरवी रखनी पड़ेगी?
नहीं। कर्ज़ आपकी घोषित खड़ी फ़सल के आधार पर मिलता है — ज़मीन के काग़ज़ गिरवी नहीं रखे जाते।
चुकाना कैसे होता है?
यह क़िस्तों वाला कर्ज़ नहीं है। फ़सल कटने पर, 120 दिन के अंदर, एक बार में चुकाना होता है।
मंज़ूरी से पहले मुझे क्या-क्या पता चलेगा?
कोई भी कर्ज़ मंज़ूर होने से पहले आपको एक हस्ताक्षरित मुख्य तथ्य विवरण (KFS) मिलेगा — सब कुछ मिलाकर वार्षिक दर (APR), कुल चुकाने वाली रक़म, और हर शुल्क साफ़-साफ़। बिना KFS के कोई कर्ज़ नहीं।
मन बदल जाए तो?
KFS मिलने के बाद कम से कम 1 दिन का सोचने का समय (कूलिंग-ऑफ) मिलता है — इस दौरान बिना जुर्माने के मना कर सकते हैं।
आवेदन कहाँ होता है?
सखा ऐप में, बोलकर — या अपने नज़दीकी सेवा केंद्र पर, जहाँ ऑपरेटर पूरी प्रक्रिया में साथ बैठता है। इस वेबसाइट पर कोई आवेदन नहीं होता।

शुरुआत कैसे करें

सखा ऐप में बोलकर फ़सल दर्ज करें, या नज़दीकी सेवा केंद्र पर आएँ — ऑपरेटर पूरी प्रक्रिया आपकी भाषा में, आपके साथ बैठकर पूरी करता है। इस वेबसाइट पर कोई आवेदन नहीं होता।

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